दोस्तों फेमस डायरेक्टर हर्षद मेहता की टीम सकेम 1992 नाम की वेब सीरीज इन दिनों काफी चर्चा में है दरअस्ल यह कहानी है हर्षद मेहता की वहीं हर्षद मेहता जी है जो एक जमाने में थोस्टॉक मार्केट का अमिताभ बच्चन कहा जाता था करीब 5000 करोड़ का घोटाला करके हर्षद ने उस समय पूरे भारत को हिला दिया था हालांकि एक गरीब गुजराती परिवार में जन्म लेने वाले हर्षद की जेब खाली थी लेकिन उसकी आंखों में सपने भरे थे और फिर अपनी मेहनत और दिमाग का इस्तेमाल करके वह स्टॉक मार्केट के बिग बुल जानने जाने है लेकिन अपने सपने को पूरा करने के लिए हर्षद में इतने सारे घोटाले कर दिए कि आज भी हर्षद का नाम भारत के सबसे बड़े घोटाले में गिना जाता है हालांकि आज हम जानेंगे कि आखिर हर्षद मेहता के बाद से आज उनकी फैमिली कहां और किस कंडीशन में है लेकिन शायद बहुत सारे लोगों ने अभी तक हंसल मेहता की वेब सीरीज नहीं देखा होगा और,
तो हर्षद मेहता के लाइफ और सकेम के बारे में शार्ट में बताना चाहता हु तो दोस्तो 1964 में गुजराती परिवार में जन्मे हर्षद मेहता बचपन मे अपना ज्यादातर समय छत्तीसगढ़ के रायपुर में बिताया और रायपुर से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद वह वापस मुंबई आ गए और लाजपत राय कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की पढ़ाई के बाद कोई अच्छा काम न मिल पाने की वजह से वह हाजिरी कपड़े बेचने से लेकर डायमंड चुनने का भी काम करने लगे और स्टॉक मार्केट में हर्षित की एंट्री कब हुई तब हुई जब उन्होंने द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी शुरू की और फिर यहीं से यही स्टॉक मार्केट में और नौकरी छोड़कर उन्होंने 1981 में एक बार फिर धीरे-धीरे आगे चल कर चलकर इंडियन स्टॉक मार्केट का एक बड़ा नाम बन चुके थे कहा जाता था कि हर्षद मेहता जिस भी चीज को देता था छू जाता था और उसे उस स्टॉक मार्केट का अमिताभ बच्चन और दोस्तों उनको स्टॉक मार्केट की अच्छी समझ थी।
लेकिन उनके लालच आगे चल चलकर घोटाले का एक बड़ा रूप ले लिया की खामियों का फायदा उठाया और बहुत सारा पैसा बैंक से लेकर शेयर मार्केट में लगा दिया इस बात की भनक लग गई तो फिर 23 अप्रैल 1992 को अपने सामने आने लगे जिस तेजी से स्टॉक मार्केट उठा था उतनी ही तेजी से नीचे गिर गया जिससे बहुत सारे आत्मा को हर्षद मेहता को कॉल करने वाले लोग पूरी तरह से बर्बाद हो गए और दोस्तों मुंबई की दलाली लेकर नई दिल्ली में संसद तक इस घोटाले की गूंज सुनाई देने लगी और फिर जब जांच के लिए टीम बनाई गई तब नवंबर 1992 में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया उनका साथ देने वाले उनके भाई था और घोटाले का पर्दाफाश हो जाने पर लगाए गए उनके खिलाफ 3 महीने बाद ही जमानत पर रिहा कर दिए गए थे कि जेल से बाहर आने के बाद से हर्षद मेहता ने खुलासा किया कि उन्होंने उस समय के प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव को एक करोड रुपए उनकी पार्टी में दिए थे।
लेकिन यह बात कभी भी साबित नहीं हो सकी थी और फिर अक्टूबर 19 1997 में कोर्ट ने मेहता के खिलाफ सीबीआई के द्वारा लगाए गए आरोपों में से 34 को मंजूरी दे दी सितंबर 1999 में हाईकोर्ट और तीन अन्य लोगों को 5 साल की सजा सुनाई है उन्हें जमानत मिल गई थी लेकिन दोबारा तो 2001 में दोबारा को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर 31 दिसंबर 2001 को में की वजह से में मौत हो गई बात कर लेते हैं उनका क्या हुआ और 27 फरवरी 2019 को माफ कर दिया था और फैमिली की तरफ से जानकारी तो पहले से ही रखते थे लेकिन 50 साल की उम्र में उन्होंने डिग्री भी ले ली और आज वह मुंबई में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अंदर बहुत सारे कैसे आसानी से जीत चुके हैं साथ ही उन्होंने अपने कमाए हुए पैसों में से करीब 17 सौ करोड़ रुपए बैंक को भी दे दिए जिसमें की हर्षद का नाम जुड़ा हुआ था।
और दोस्तों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया घोटाले से हर्षद का नाम तो तभी हट गया था जब उनकी डेथ हुई थी लेकिन अश्विन दो हजार अट्ठारह तक अपने केस को तब तक लड़ते रहे जब तक उन्हें स्पेशल कोर्ट ने राहत नहीं दे दी थी ताकि हर्षद के बेटे अतुल मेहता के बारे में कुछ खास जानकारी तो नहीं है लेकिन दो हजार अट्ठारह 2018 में बीएससी लिस्ट टेक्सटाइल टेक्सटाइल कंपनी में उन्हें खरीदते हुए नोटिस किया गया था बताते हैं कि अतुल स्क्वायर ऑफ नाम की एक कंपनी के हैं और दलाल को आगे चल कर और उन्हें भी आप रियल फोटोस में देखते हैं और उनके उनकी कहानी देखी कि नहीं उसको लगातार लगा लगा।
